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Thursday, 25 June 2015

Desi Indian Sex Stories

हैल्लो दोस्तों.
. मेरा नाम सागर है और मेरी उम्र 22 साल है.. दोस्तों आप ही की तरह में भी इस साईट का बहुत बड़ा फेन हूँ और आप सभी की तरह सेक्सी कहानियों का आदि हूँ.. मुझे ऐसा करना बहुत अच्छा लगता है. दोस्तों यह बात गर्मियों की छुट्टियों की है जब में अपने घर पर बोर हो रहा था और छुट्टियाँ मनाने अपनी मौसी के घर दिल्ली चला गया. वहाँ पर मेरे दो भाई मौसाजी मौसी और भाभी रहते थे. वो सभी मिलकर नौकरी करते थे.. मुझे मेरी भाभी बहुत ही अच्छी लगती थी और वो 23 साल की थी. एकदम दूध जैसी गोरी चिकनी बिल्कुल मलाई जैसी.. उनकी गांड भी एकदम मस्त आकार की थी. ज्यादातर वो सूट में ही रहती थी जिस वजह से उनके शरीर का आकार अच्छी तरह दिखता था. मेरे दोनों भाई और मौसा जी एक प्राइवेट कम्पनी में नौकरी करते थे.. तो घर पर सिर्फ़ में और भाभी होते थे क्योंकि मौसी भी कहीं इधर उधर रोज किसी ना किसी काम से बाहर चली जाती थी. तो में अक्सर भाभी के नाम की मुठ मारा करता था. और एक बार तो मैंने उन्हे बाथरूम के दरवाज़े के छेद में से नहाते हुए भी देखा था और उस दिन सोच लिया था कि बस अब एक दिन में भी ऐसे ही इनके साथ नहाऊंगा.
फिर एक बार भाभी ने मुझसे बोला कि मेरे सर पर मेहन्दी लगा दो.. तो मैंने जल्दी से हाँ कह दिया और उनके सर पर मेहन्दी लगाने लग गया. तो में ऊपर वाली सीड़ी पर बैठा था और वो नीचे वाली पर.. मुझे उनके बूब्स बहुत अच्छी तरह से दिख रहे थे.. बिल्कुल गोरे बड़े बड़े मलाई जैसे. दिल कर रहा था कि अभी दोनों बूब्स को बाहर निकाल दूँ और चूसने लग जाऊँ. फिर मेहन्दी उनके गले तक टपक रही थी और में साफ कर रहा था और मुझे उनके शरीर को बार बार हाथ लगाने में बड़ा मज़ा आ रहा था और मैंने अपने दोनों पैर तो बस उनके साथ ही चिपका लिए थे. फिर ऐसे ही दिन बीत रहे थे और में धीरे धीरे भाभी से और भी ज्यादा करीब हो गया था और हम दोनों अपने बीच की सभी बातें एक दूसरे से बिना किसी हिचकिचाहट के करने लगे थे. फिर एक दिन घर पर कोई भी नहीं था.. तो में और भाभी कंप्यूटर पर फिल्म देखने लगे.. तभी मैंने उनसे कहा कि में बोर हो रहा हूँ चलो हम कुछ खेलते हैं. तो वो भी मान गई और हम खेलने लगे और मैंने एक शर्त रखी कि जो जीतेगा वो हारने वाले को कोई भी एक काम करने को बोलेगा और उसे वो काम करना पड़ेगा.
तो वो बोली कि ठीक है और में पहली ही बार में जीत गया. और मैंने उनसे कहा कि आप अक्सर कहती हो कि तेरी स्माईल बहुत अच्छी है तो आप मुझे एक किस दो. तो उन्होंने बोला कि ले इसमे क्या बात है? और उन्होंने मेरे गाल पर एक प्यारा सा किस दे दिया. तो मैंने बोला कि क्या यार आप अभी भी बिल्कुल बच्चे ही हो? तो वो बहुत चिड़ गई और बोली कि ऐसा क्यों? फिर मैंने कहा कि ऐसे किस तो बच्चे ही देते हैं. तो उन्होंने बोला कि अभी तू इतना बड़ा नहीं हुआ है जो में तुझे वहाँ पर किस दूं.. मैंने कहा कि एक बार ट्राई तो करके देखो आपको अपने आप पता लग जाएगा और फिर वो बोली कि नहीं. तो मैंने भी ज्यादा दबाव नहीं दिया और हम फिर से खेलने लगे.. में दोबारा जीत गया और वो मुझसे बोली कि सज़ा दो. तो मैंने कहा कि फायदा क्या आप पूरा तो करते ही नहीं और वो मुहं फूलाकर बैठ गया. तभी उन्होंने मुझे समझाया और कहा कि ऐसे नहीं होता यार.. तुम अभी इतने बड़े नहीं हो. तो मैंने बोला कि आप मुझसे बात मत करो..
फिर वो बोली कि चलो ठीक है.. लेकिन मुझे यकीन नहीं हुआ कि वो मान गई है और में उनके पास जाने लगा तो उन्होंने आँखे बंद कर ली और मैंने उन्हे बड़े प्यार भरे तरीके से किस दिया और कम से कम 5 मिनट तक हमारी स्मूच चली और फिर मैंने उन्हे धन्यवाद बोला और उन्होंने बोला कि मुझे बहुत मज़ा आया. फिर में जब भी मौका मिलता तो उन्हे पकड़ लेता था.. लेकिन वो बिल्कुल भी बुरा नहीं मानती थी और धीरे धीरे मेरी हिम्मत बढ़ती गई.. में उनके शरीर के हर अंग को खेल खेल में छूने लगा था और बस अब तो में दिन रात उन्ही के बारे में सोचता था कि कैसे उनको चोद दूँ और अपना सपना पूरा करूं? में अब बस दिन रात लंड सहलाते सहलाते बहुत थक चुका था और बस अब तो अपनी भाभी से लंड सहलाना था, चुसवाना था.
फिर वो एक दिन कपड़े बदलने अपने कमरे में गई थी और में ग़लती से अंदर घुस गया तो मैंने देखा कि वो अंदर सिर्फ़ टॉप में एकदम मेरे सामने खड़ी हैं और उनकी क्या गोरी गोरी टांगे थी? तो मैंने कहा कि सॉरी सॉरी में ग़लती से आ गया.. वो बोली कि थोड़ा देखकर आया करो और अंदर आने से पहले हमेशा नॉक किया करो और में जैसे ही बाहर निकला जल्दी से बाथरूम में मुठ मारने चला गया और अब तो बस मुझसे रुका नहीं जा रहा था.. में तो एक अच्छे मौके की तलाश में था कि कब घर खाली हो और में अपना काम पूरा कर सकूँ. फिर एक दिन भाई और मौसाजी नाईट ड्यूटी पर गये थे और मौसी और दूसरा भाई शादी के लिए तैयार होकर जा रहे थे.. तो वो मुझे भी साथ ले जाने लगे. तभी मैंने कहा कि मेरा मूड नहीं है और भाभी वैसे भी घर पर रहना पसंद करती थी. उन्हें कहीं पर भी आना जाना अच्छा नहीं लगता था. तो मौसी और भाई चले गये और मुझे अगले दिन आने के बारे में बता गये थे. फिर में और भाभी घर पर अकेले थे.. तो मैंने मन ही मन सोचा कि आज यह मौका बहुत अच्छा है क्यों ना आज बाज़ी मार ली जाए?
तो बस फिर रात को सोते वक़्त हम दोनों एक ही बेड पर थे और थोड़ी देर के बाद मैंने भाभी से कहा कि ए.सी बंद कर दो मुझे ठंड लग रही है. तो उन्होंने कहा कि नहीं तुम यह चादर ले लो और थोड़ा मेरे करीब आ जाओ फिर तुम्हे ठंड नहीं लग़ेगी. तो अब में उनके और भी पास था और में उनके शरीर की गर्मी महसूस कर रहा था. वो मुझसे एकदम चिपककर लेटी हुई थी. तभी थोड़ी देर के बाद वो सो गई और मेरी अब नींद उड़ चुकी थी और में यह सोच रहा था कि अब क्या और कैसे किया जाए.. यह सोचकर धीरे धीरे मेरा लंड खड़ा हो गया था और मैंने किसी तरह हिम्मत करके अपना लंड उनकी गांड पर चिपका दिया.. शायद उनको इस बात का एहसास हो गया था और वो अपनी गांड सरकाने लगी. तो में डर गया और सोचने लगा कि कहीं वो बुरा ना मान जाए.. तभी थोड़ी देर बाद फिर में अपना हाथ धीरे धीरे उनकी गांड पर सरकाने लगा.. लेकिन वो बिल्कुल भी नहीं हिली. तो मैंने थोड़ी हिम्मत करके उनके टॉप के अंदर हाथ डाल दिया और उनकी पीठ सहलाने लगा.
तभी मैंने महसूस किया कि उनका तो हर हिस्सा मुलायम था.. तभी अचानक से उन्होंने मेरा हाथ पकड़कर एकदम से बाहर निकाला और बोला कि मत कर प्लीज सोने दे. में उनकी इस हरकत से बहुत डर गया.. लेकिन में था हरामी दिल.. उनकी एक नहीं माना और में फिर से वही सब करने लगा.. लेकिन इस बार भाभी ने मुझे कुछ नहीं कहा. तो मैंने थोड़ी और हिम्मत करके उनका मुहं अपनी साईड किया और बोला कि भाभी क्या सो गये? तो वो बोली कि हाँ और में हंस पड़ा और बोला कि देखो नींद में बोलती है और वो भी हंसने लगीं. तो मैंने बोला कि चलो भाभी एक किस तो दे दो.. वो बोली कि नहीं. तो मैंने कहा कि नहीं मतलब हाँ होता है.. तो वो बोली कि जो मर्ज़ी हो समझो. फिर मैंने उन्हे किस किया और मुझे कोई जवाब नहीं मिला.. लेकिन मैंने फिर से किस किया तो अब वो भी मुझे किस करने लगी और वो बोली कि बस तुझे क्या किस ही करना आता है?
तभी मैंने कहा कि एक बार मौका तो दो.. वो बोली कि चल आज रात में जो भी तेरी मर्ज़ी हो कर. तभी में सोचने लगा कि कहीं यह सपना तो नहीं और खुश हो गया और अब में उनके ऊपर था और वो मेरे नीचे. क्या अहसास था? दोस्तों आहा मुझे बहुत मजा आ रहा था और फिर मैंने उनका टॉप खोल दिया और उन्होंने मेरी जिन्स.. उन्होंने काले कलर की ब्रा पहनी हुई थी. फिर मैंने बोला कि में खोलूँगा और मैंने अपने मुहं से उनकी ब्रा भी खोल दी और जो अंदर का नजारा नजर आया मानो में जन्नत था. और गोरे गोरे बूब्स और पिंक पिंक निप्पल मेरे सामने थे.. वाह मजा आ गया.
फिर में बूब्स को चूसने लगा. मुझे लग रहा था जैसे में कुल्फी चूस रहा हूँ और मैंने उनके सारे चहरे पर किस किया और फिर गले पर और वो मेरा मुहं अपने बूब्स पर ले गई और फिर से में उन्हे चूसता रहा और किस करता हुआ नीचे आ गया और उनका लोवर खोल दिया.. उस बिल्कुल अंधेरे में भी उनका गोरा बदन एकदम चमक रहा था. तो मैंने भी अपने अंडरवियर को खोल दिया और अब उनके बदन पर सिर्फ़ उनकी पेंटी थी जो कि मैंने उसी वक़्त उतार दी और उनकी चूत चाटने लगा. तो वो भी अब मेरा पूरा पूरा साथ देने लगी और मेरे मुहं को अपनी चूत पर दबाने लगी और कहने लगी कि हाँ और ज़ोर से चूसो. तभी थोड़ी ही देर चूत चूसने चाटने के बाद ही वो झड़ गई और वो कहने लगी कि चोद डाल मुझे आज मिटा दे मेरे सारे गम.
मैंने उनकी चूत पहले ही अच्छी तरह गरम कर दी थी और अब बारी थी तो सिर्फ़ लंड घुसाने की तो वो बोली कि जल्दी डाल में अब और रुक नहीं सकती. तभी मैंने कहा कि साली मुझसे सब कुछ करवा लिया और खुद कुछ नहीं करेगी.. तो वो बोली कि क्या करना है? फिर मैंने बोला कि मेरा लंड चूस.. तो वो बोली कि मुझे यह सब नहीं आता. तो मैंने बोला कि चुपचाप लंड को मुहं में लेकर चूस और फिर वो बोली कि ठीक है. फिर उन्होंने मेरा लंड डरते डरते मुहं में लिया और धीरे धीरे चूसना शुरू किया.. ओह भगवान क्या मज़ा आ रहा था? जैसे ही उन्होंने मेरे लंड को अपने होंठो से छुआ.. मेरे पूरे शरीर में करंट लगने लगा. फिर उन्होंने मेरा 6 इंच का लंड पूरा का पूरा मुहं में ले लिया और बहुत देर तक चूसा और फिर कुछ देर के बाद मैंने उनकी चूत फिर से चाटी और चाट चाटकर लाल कर दी और फिर उन्हे नीचे लेटाकर लंड को उनकी चूत पर सेट किया और लंड को धीरे धीरे अंदर डालने लगा.. और वो आह आह्ह् उफफ सिसकियाँ लेने लगीं. फिर मैंने धीरे धीरे धक्के देने शुरू किए और उन्हे चोदने लगा. अब वो भी अपनी चूतड़ उठा उठाकर मेरा पूरा पूरा साथ देने लगी और कहने लगी कि हाँ चोदो मुझे और ज़ोर से.. बना दो मेरी चूत को भोसड़ा.
फिर उनकी यह बात सुनकर में और भी जोश में आ गया. स्पीड बड़ाकर धक्के देकर चुदाई करने लगा.. हमने करीब 20 मिनट तक सेक्स किया और फिर में उनकी चूत में ही झड़ गया और अब हम दोनों पूरे पसीने से गीले हो चुके थे और वो मुझे चहरे से बहुत संतुष्ट दिख रही थी और थकी हुई भी थी. रात के करीब 2 बज चुके थे. फिर हम दोनों नहाने चले गये और शावर में स्मूच करने लगे.. हमने एक दूसरे पर साबुन लगाया और सारा झाग ही झाग कर दिया. मैंने उन्हे दीवार की तरफ रखा और एक हाथ उनकी चूत में डालकर उन्हे स्मूच करने लगा और फिर चूत चूसने लगा.. थोड़ी देर के बाद उन्होंने मेरा लंड चूसा और मैंने उनके बूब्स दबा दबाकर लाल कर दिए थे और फिर से मैंने उन्हे लेटा दिया और उन्होंने मेरा लंड पकड़ा और अपनी चूत में डाल दिया और बोली कि मेरी इस बार फाड़ के रख दे.
तो मैंने लंड को धीरे से चूत में धक्का दिया और वो फिसलकर चूत में चला गया और मैंने तेज़ तेज़ चुदाई करना शुरू कर दिया और उनकी दर्द की वजह से चीखे धीरे धीरे तेज होने लगी और ऐसा करते करते बहुत टाईम हो गया और जब उन्हे दर्द होने लगा तब हम जाकर सोने लगे और सुबह करीब 12 बजे उठे और उस दिन की शुरुवात हमने किस से की और दोपहर में एक बार दोबारा सेक्स किया.. करीब 15 दिन तक हमने एक दूसरे के होश उड़ा रखे थे और अब उनके पीरियड्स आ गये थे और मुझे भी घर वापस आना था और फिर में अपने शहर वापस आ गया क्योंकि मेरे कॉलेज शुरू हो गये थे. फिर में अपने घर पर आकर उनसे फोन पर बातें करने लगा ..

Published: By: Nirmala - 03:24

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